उत्तराखंड बजट 2026-27





• 3 मई 2001 को उत्तराखण्ड राज्य का पहला बजट रमेश पोखरियाल निशंक ने जारी किया था

• निर्वाचित सरकार का पहला बजट 2002-2003 में उत्तराखण्ड विधानसभा में मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने पेश किया था।

• उत्तराखण्ड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के विधानसभा में प्रथम बजट त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 2021-22 में पेश किया था।

• वर्ष 2026-27 का बजट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वित्त मंत्री के रूप में पेश किया गया।

• वर्ष 2026-27 का बजट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भरणीसैंण में पेश किया गया। 

• उत्तराखण्ड का पहला जेंडर बजट 2007-08 में प्रस्तुत किया गया था

• राज्य बजट का उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 202 के तहत राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक वित्तीय विवरण यथास्थिति, विधान मण्डल के दोनों सदनों के समक्ष प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है।

• भारत की अर्थव्यवस्था मिश्रित है जिसमें निजी एवं सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों का सहअस्तित्व होता है लेकिन उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था ब्रिटिश काल से मनी-ऑर्डरी प्रकार की रही है

• वर्ष 2000 में राज्य गठन के समय राज्य पर 3165.9 करोड़ का अतिरिक्त बोझ डाला गया था जो 2020 में बढ़कर 64652.9 करोड़ हो गया है

• केन्द्र सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को 1 अप्रैल 2001 से विशेष राज्य का दर्जा दिया गया यह दर्जा प्राप्त करने वाला उत्तराखण्ड 11 वां राज्य है

• विशेष दर्जा प्राप्त राज्यों को केन्द्रीय सहायता में 90 प्रतिशत अनुदान एवं 10 प्रतिशत हिस्सा ऋण के रूप में मिलता है और अन्य राज्यों के लिए 70 प्रतिशत अनुदान एवं 30 प्रतिशत हिस्सा ऋण के रूप में प्राप्त होता है

• 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की कुल जनसंख्या का 38.43% लोग कार्यशील है एवं कुल कार्यशील जनसंख्या में 27% कृषक है

• कृषि कार्य में 50 प्रतिशत से अधिक योगदान महिलाओं का है

• वनों से मिलने वाली पर्यावरणीय सेवाओं का आकलन ग्रीन अकाउंटिंग कहलाती है इसके तहत मिलने वाली राशि को ग्रीन बोनस कहते है

• बजट में सरकार ने आत्मनिर्भर व विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को पूरा करने के लिए ज्ञान व "संतुलन" का मंत्र दिया।

SANTULAN


S- समावेशी विकास Inclusive Development 
• समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना गरीब, महिला, युवा और ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान।

A - आत्मनिर्भरता Self Reliance
• राज्य को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना
• स्थानीय उ‌द्योग, कृषि और पर्यटन को बढ़ावा

N-नई सोच New Thinking
• विकास के लिए नवीन नीतियां और योजनाएं
• तकनीक आधारित प्रशासन और सेवाएं

T- तीव्र विकास Rapid Development
• बुनियादी ढांचे का तेज विकास
• सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश

U-उन्नत गांव एवं शहर Advanced Vill. City
• स्मार्ट गांव और आधुनिक शहरों का विकास
• ग्रामीण और शहरी विकास योजनाओं का विस्तार

L- लोक सहभागिता Public Participation
• विकास योजनाओं में जनता की भागीदारी
• पंचायत और स्थानीय संस्थाओं की भूमिका बढ़ाना

A-आर्थिक विकास Economic Growth
• रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा
• उ‌द्योग, पर्यटन और कृषि क्षेत्र का विकास

N-न्यायपूर्ण व्यवस्था Just System
• पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन
• सभी के लिए समान अवसर और न्याय

• 2026-27 का कुल बजट - 111703.21cr 
• पिछले वर्ष की तुलना में 10.41% की वृद्धि 


 प्राप्तियां 

• राजस्व प्राप्तियां - 67525.77 cr
• पूंजीगत प्राप्तियां -42617.35 cr
• कुल प्राप्तियां- 110143.12 cr 

• राजकोषीय घाटा होने का अनुमान - 12579.79 cr 

 व्यय का प्रावधान 

• राजस्व व्यय - 64989.44cr 
• पूंजीगत व्यय - 46713.77cr 
• पूंजीगत परिव्यय - 18152.73 cr 

 जेंडर बजट 

जेण्डर बजटिंग का उद्देश्य-

• सरकारी बजट के जेण्डर आधारित परिणामों को ज्ञात करने हेतु बजट का विभक्तिकरण जेण्डर बजटिंग है तथा इसका मुख्य उद्देश्य लैंगिक वचनबद्धता को बजटीय वचनबद्धता में परिवर्तित करना है।
• स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम एवं रोजगार, आदि क्षेत्रों में महिलाओं की विशिष्ट आवश्यकताओं की पूर्ति सरकारी बजटिंग के अन्तर्गत सुनिश्चित किया जाना है।

• उत्तराखंड और राज्य में जेंडर बजट का प्रावधान बजट 2007-08 में किया गया।
• पिछले वर्ष जेंडर बजट - 16961.32 cr 
• 2026-27 के बजट में जेंडर बजट - 19692.02 cr 
• पिछले वर्ष की तुलना में 2730 करोड़ की बढ़ोतरी हुई

 सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 

• 2001-02 -: 15826 cr 
• 2025-26 -: 381889 cr 

 प्रति व्यक्ति आय 2025-26 

• उत्तराखंड -: 273921 
• राष्ट्रीय -: 219575

• उत्तराखंड की आर्थिक विकास दर -: 7.23%

 मुख्य बिंदु 

• महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत - 10 करोड़ 
• नंदा गौरा योजना - 220 करोड़
• प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना -2 47.78 करोड़ 
• मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना -2 7.38 करोड़ 
• मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना -2 1 करोड़ से अधिक
• गंगा गए महिला डेयरी विकास योजना - 5 करोड़
• आयुष्मान योजना के लिए प्रावधान - 600 करोड़ 
• कितनी महिलाओं को महिला आपदा मित्र बनाया जाएगा - 512 
• राज्य की MTFP नीति का मुख्य उद्देश्य निम्न विवरण के अनुसार पूर्ति किया जाना है 
- राजस्व घटा शून्य किया जाना 
- राजकोषीय घाटे को 2023-24 से 2025-26 तक GSDP का 3%  पर बनाए रखना
• राज्य के जनपद बागेश्वर एवं चंपावत में एक एक वाइनरी की स्थापना की जानी है
• वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों में राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 2.94 प्रतिशत होने का अनुमान है
• अगले साल होने वाले कुंभ के लिए 1027 करोड़ का प्रावधान हुआ।
• पर्यटन विकास के लिए अवस्थापना निर्माण के लिए 100 करोड़, 
• कोलोनाइजेशन प्रोत्साहन के अवस्थपना निर्माण के लिए 25 करोड़ 
• साबर सिक्योरिटी क्रियान्वयन के लिए 15 करोड़,
• महक कांति के लिए 10 करोड़
• स्पेशल इकोनॉमिक जोन के लिए 10 करोड़, 
• उम बैंक रिमालयाज के लिए पांच करोड़, 
• उत्तराखंड एवं भारत दर्शन के लिए 4.50 करोड़, 

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