🔴 मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना
• शुरूआत - 2 अगस्त 2021
• वात्सल्य योजना के तहत कोरोना महामारी 2020 के समय अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक मदद एवं संरक्षण प्रदान करना है
• इस योजना के तहत अनाथ बच्चों को कक्षा 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा एवं प्रतिमाह 3 हजार रूपए भत्ता दिया जायेगा
🔴 मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना
• मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना का शुभारम्भ मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 12 सितम्बर 2019 में किया था
• इस योजना के तहत राशन कार्ड धारक परिवारों को 2 किलो दाल प्रतिमाह रियायती दरो में दी जायेगी और 44 रू० प्रति Kg की दर से चने की दाल 23.32 लाख राशन कार्ड धारको को उपलब्ध करायी जायेगी
🔴 मुख्यमंत्री अन्त्योदय निःशुल्क गैस रिफिल योजना
• शुरूआत 12 फरवरी 2023 (CM धामी ने पौड़ी में कंडोलिया मैदान से)
• इस योजना के तहत प्रदेश की महिलाओं को रसोई धुएँ से मुक्त करना है
• इस योजना के तहत अन्त्योदय परिवारों को वर्ष में 3 निःशुल्क गैस सिलेंडर रिफिल की सुविधा प्रदान की जाएगी
• इस योजना को वर्ष 2027 तक राज्य सरकार द्वारा विस्तारित कर दिया गया है।
• इस योजना की नोडल एजेन्सी राज्य का खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मंत्रालय है।
🔴 आशा संगिनी एप एवं पोर्टल
• शुरूआत - नवम्बर 2022
• उद्देश्य - आशा स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य की निगरानी, प्रत्येक आशाएँ अपने कार्यों को इस पोर्टल पर अपलोड करेंगी
🔴 मुख्यमंत्री उत्थान योजना
• मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस योजना की घोषणा 20 फरवरी 2023 में की गई
• इसका उद्देश्य निर्धन प्रतियोगी छात्रों को निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराना है। इसके तहत आईएएस, पीसीएस, एनडीए, सीडीएस, मेडिकल, इंजिनीयरिंग एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जायेगी।
🔴 मुख्यमंत्री ज्ञानकोष योजना
• इस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री धामी द्वारा 20 फरवरी 2023 को की गई।
• इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु मूलभूत सुविधाएँ प्रदान करना है। इस योजना के तहत राज्य के प्रत्येक जिले में एक समृद्ध पुस्तकालय की स्थापना की जानी है।
🔴 मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना
• शोधरथ छात्रों प्रोत्साहन एवं उनकी आर्थिक समस्या के निराकरण के लिए इस योजना की घोषणा अगस्त 2023 में की गई।
🔴 रोजगार प्रयाग पोर्टल
• इसका प्रारम्भ 10 अक्टूबर 2023 को देहरादून जनपद से किया गया,
• इस पोर्टल के माध्यम से अभ्यर्थियों को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराना है।
🔴 मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना
• शुरुआत - 6 जुलाई 2024 देहरादून के हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र निम्बूवाला से
• उद्देश्य - राज्य में अन्त्योदय व प्राथमिक परिवार योजना के करीब 14 लाख राशन कार्ड धारकों को प्रतिमाह आयोडाइज्ड नमक 8 रू. किलो प्रतिमाह उपलब्ध कराना।
🔴 सर्वश्रेष्ठ आकांक्षी जिला योजना
• शुरूआत - 2018
• उद्देश्य - इस योजना के तहत भारत के उन जिलों में तेजी से परिवर्तन लाना है जो सामाजिक, आर्थिक संकेतकों के मामले में पीछे रह रहें हैं
• सामाजिक व पिछड़ेपन के लिए नीति आयोग ने हरिद्वार जिले को सर्वश्रेष्ठ आकांक्षी जिला घोषित किया
•आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम जनवरी 2022 के तहत 2025 में कपकोट विकासखण्ड (बागेश्वर) आकांक्षी विकास खण्डों में राज्य में प्रथम स्थान पर रहा।
🔴 आपातकालीन सेवा योजना 108
• आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा 15 मई 2008 को शुरू की गयी
• जिसकी शुरूआत तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खण्डूरी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर की
•17 अप्रैल 2012 को 108 आपातकालीन सेवा की सहायता के लिए डोली सेवा की शुरूआत की गयी
🔴 उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन (UKSDM)
• फरवरी 2013 में उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन की शुरूआत हुयी
• इसका उद्देश्य राज्य में पलायन को रोकना है तथा युवाओं को स्वावलम्बी बनाने की दिशा में स्वरोजगार के अवसर सृजित करना है, दिसम्बर 2018 में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग का गठन किया गया।
• 47वीं वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता 10-15 सितंबर 2024 तक फ्रांस के ल्योन में हुई जिसमें उत्तराखण्ड राज्य से प्रशांत सैनी ने मैडल जीता।
🔴 उत्तराखण्ड ईंधन सखी योजना
• शुरूआत 15 दिसम्बर 2023
• उद्देश्य - मिनी गैस एजेंसी के माध्यम से सुदूर पहाडी इलाकों में रहने वाले लोगों को रसोई गैस सिलेन्डर की रिफलिंग की समस्या का समाधान किया जायेगा
🔴 HP कंपनी द्वारा 4 जनपदों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू।
🔴 समेकित बाल विकास कार्यक्रम
• केन्द्र द्वारा 1975 ई० से राज्य के समस्त आंगनबाडी केन्द्रों में चलाया जा रहा है
🔴 पालना योजना
• शुरूआत उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 2015 को शुरू की गयी इसके तहत सरकार अनाथ बच्चों को गोद लेगी
🔴 खिलती कलियां योजना
• उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 15 अगस्त 2015 को शुरू की गयी जिसके तहत 6 वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण से बचाने का प्रयास किया जायेगा।
🔴 महिला सारथी योजना
• इस योजना की शुरूआत अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च 2025 को की गई, इस योजना के तहत महिलाओं को वाहन चलाने के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा
• देहरादून में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू हुई इस योजना का विस्तार भविष्य में अन्य शहरों में भी किया जायेगा इस योजना के तहत परिवहन के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी व महिलाएँ स्वरोजगार अपनाकर रोजगार देने में सक्षम होंगी।
🔴 समेकित बाल विकास कार्यक्रम
• यह एक केन्द्र प्रायोजित कार्यक्रम है, जो कि 1975 में लागू किया गया था।
🔴 मु. सशक्त बहना उत्सव योजना
• घोषणा : 22 अगस्त, 2023 (सीएम धामी द्वारा)
• उद्देश्य : महिला समूहों द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना।
• विशिष्ट तथ्य :
(i) प्रत्येक विकास खण्ड में सार्वजनिक प्रदर्शनी के माध्यम से महिला समूहों के स्थानीय उत्पादों को बिक्री हेतु मंच उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करने का प्रयास किया जाएगा।
(ii) यह योजना राज्य के 'महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास' विभाग के द्वारा चलाया जा रहा है।
🔴 मु. लखपति दीदी योजना
• घोषणा : 15 अगस्त, 2023 (पीएम द्वारा)
• प्रारम्भ : 4 नवम्बर, 2023 (उत्तराखण्ड में)
• लक्ष्य : (i) वर्ष 2025 तक राज्य की 1.25 लाख महिलाओं को लखपति बनाना।
🔴 मु. घसियारी कल्याण योजना
प्रारम्भ : 25 फरवरी, 2021
उद्देश्य : पौष्टिक पशुआहार की आपूर्ति करना।
लक्ष्य : पर्वतीय क्षेत्र की महिला पशुचारकों को उरु. प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर पशु आहार (चाराकिट) उपलब्ध कराना।
विशिष्टताएँ :
(i) पायलट योजना के तौर पर इसकी शुरुआत राज्य के चार जनपदों अल्मोड़ा, रुद्र प्रयाग, पौड़ी गढ़वाल तथा चंपावत में की गयी थी, किन्तु वर्तमान में यह राज्य के 11 पर्वतीय जिलों में चलाई जा रही है।
(ii) राज्य के 'सहकारिता विभाग' के द्वारा इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
🔴 मु. नारी सशक्तीकरण योजना
• प्रारम्भ : 2021
• उद्देश्य : राज्य की महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण एवं स्वावलंबन ।
• विशिष्टताएँ :
(i) आग्रही महिलाओं को अधिकतम 5 लाख रु. तक का ब्याज रहित ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
(ii) महिला उद्यमियों को उद्यम स्थापित करने में प्रोजेक्ट का 30 प्रतिशत अथवा अधिकतम 1 लाख रु. की सब्सिडी प्रदान करना।
(iii) इस योजना का नोडल एजेंसी 'ग्रामीण विकास विभाग' (उत्तराखण्ड) है।
🔴 महालक्ष्मी कल्याण योजना
• प्रारम्भ : 17 जुलाई, 2021
• उद्देश्य : नवजात शिशु एवं उसकी माँ को पौष्टिक आहार की आपूर्ति कराना।
🔴 नंदा-गौरा योजना
प्रारम्भ : 1 जनवरी, 2018
उद्देश्य : निर्धन (BPL) परिवार की बालिकाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना।
विशिष्टताएँ :
(i) यह योजना SC/ST या BPL परिवार की बालिकाओं से सम्बंधित है।
(ii) इसमें आर्थिक सहायता 2 किस्तों में दी जाती है- पहली किश्त बालिका के जन्म पर 11 हजार की तथा दूसरी किस्त 12वीं उत्तीर्ण करने पर 51 हजार की।
(iii) ज्ञातव्य है कि यह पूर्व में संचालित गौरा देवी व नंदा देवी योजनाओं का संयोजित रूप है।
🔴 मु. आँचल अमृत योजना
प्रारम्भ : 7 मार्च, 2019 (पुनः आरम्भ 2021)
उद्देश्य : 3-6 आयु वर्ग के बच्चों में कुपोषण समाप्त
अन्य विशिष्टताएँ :
(i) प्रदेश के 20 हजार आँगनबाड़ी केन्द्रों के लगभग 1.70 लाख बच्चों को सप्ताह में 4 दिन मीठा दूध उपलब्ध कराया जाता है।
(ii) बच्चों को दिये जाने वाले दूध की मात्रा 100ML होती है।
🔴 वैष्णवी सुरक्षा योजना
प्रारम्भ : 24 फरवरी, 2018
उद्देश्य : लिंगानुपात में वृद्धि करना।
अन्य विशिष्टताएँ :
(i) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों या सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाली बालिकाओं के उपभोग हेतु आवश्यक वस्तुओं की 'वैष्णवी किट' प्रदान की जाती है।
(ii) इस योजना का संचालन राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है।
🔴 पीएम मातृ वंदना योजना
प्रारम्भ : 1 जनवरी, 2017 (उत्तराखण्ड में 2 दिसम्बर, 2019)
उद्देश्य : गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण प्रदान करना।
अन्य विशिष्टताएँ :
(i) इस योजना की लाभार्थी पहली बार माँ बनने वाली महिला व शिशु होता है।
(ii) इसके तहत लाभार्थी को 2 किस्तों में कुल 5,000 रु. की
आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
(iii) ज्ञातव्य है कि यह योजना 2017 के पूर्व 'इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना' के नाम से जानी जाती थी।
(iv) दूसरे बच्चे के जन्म पर यदि जन्मा बच्चा बालिका हो तो 6000 रु. इस योजना के तहत प्रदान किया जाता है।
🔴 बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना
प्रारम्भ : 22 जनवरी, 2015 (पीएम द्वारा पानीपत, हरियाणा से)
उद्देश्य : शिशु लिंगानुपात में वृद्धि तथा बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित करना।
अन्य विशिष्टताएँ :
(i) केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित इस योजना को 3 केन्द्रीय मंत्रालयों-महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण तथा मानव संसाधन विकास के द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।
(ii) उतराखण्ड में इस योजना के प्रारम्भिक चरण में यह नैनीताल, चमोली, चम्पावत व पिथौरागढ़ में शुरु हुई थी, जो 8 मार्च, 2018 से प्रदेश के सभी 13 जिलों में लागू हुई।
🔴 राष्ट्रीय पोषण मिशन
प्रारम्भ : 8 मार्च, 2018 (पीएम द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर)
उद्देश्य : बच्चों, किशोरियों एवं स्तनपान कराने वाली स्त्रियों में पोषण सुधार करना।
लक्ष्य : वर्ष 2022 तक देश को कुपोषण से मुक्त करना था। वर्तमान में योजना जारी है।
विशिष्ट तथ्य :
(i) इस मिशन को 'नीति आयोग' के द्वारा तैयार किया गया है।
(ii) 25 मई, 2018 में इस मिशन का नाम बदलकर 'पोषण' अभियान कर दिया गया था।
(iii) इसमें 0-6 आयु वर्ग के बच्चों में बौनापन, अल्पपोषण, जन्म के समय कम वजन आदि को 2 प्रतिशत की दर से तथा स्तनपान करीन वाली महिलाओं व किशोरियों में एनीमिया को 3% वार्षिक दर से कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है।
🔴 मिशन गौरी शक्ति
प्रारम्भ : 2021 में
उद्देश्य : महिलाओं की आत्मरक्षा एवं सशक्तीकरण।
अन्य विशिष्टताएँ :
(i) बालिकाओं एवं स्त्रियों से होने वाली छेड़छाड़ व हिंसा से बचाव हेतु आत्म रक्षा का प्रशिक्षण दिया जाता है।
(ii) ऐसी घटनाओं में पुलिस द्वारा त्वरित एवं तत्परतापूर्ण कार्यवाही के लिए 'गौरी शक्ति एप' लाँच किया गया है।
🔴 सबला योजना
घोषणा : 19 नवम्बर, 2010
गठन : 1 अप्रैल, 2011
उद्देश्य : किशोरियों को सुपोषण एवं उन्हें सशक्त बनाना।
विशिष्टताएँ :
(i) यह योजना पूर्व में संचालित किशोरी शक्ति योजना के स्थान पर चलाई गयी है।
(ii) इस योजना की लाभार्थी 11-18 आयु वर्ग की किशोरियाँ हैं। ध्यातव्य है कि वर्तमान में इस योजना का विस्तार राज्य के समस्त जिलों में है।
🔴 मु. महिला सतत आजीविका मिशन
प्रारम्भ : 2017
उद्देश्य : महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना।
अन्य विशिष्टताएँ :
(i) यह महिलाओं मुख्यतः आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं, विधवाओं, निराश्रितों या तलाकशुदा महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के द्वारा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराता है।
(ii) कौशल परीक्षण के दौरान प्रतिमाह 1000 रु. की प्रशिक्षण प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जाती है।
(iii) प्रशिक्षण के उपरांत व्यवसाय शुरु करने पर 50 हजार रु. की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है।
🔴 राष्ट्रीय पोषाहार मिशन योजना केन्द्र सरकार ने 2001-02 में शुरू की, इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों, गर्भवती महिलाओं, किशोरियों एवं नवजात शिशु को पोषण देने वाली महिलाओं को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराना है
🔴 स्वाधार योजना
• 2001-02 के तहत महिलाओं को कामकाजी एवं सशक्त बनाने के लिए शुरू की गयी
🔴 मोनाल परियोजना
• अप्रैल 2011 के तहत 11-18 वर्ष तक की किशोरियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करना था
🔴 स्वालम्बन कार्यक्रम
• 1996 के तहत महिलाओ को परम्परागत व गैर परम्परागत धन्धों का प्रशिक्षण एवं कौशल प्रदान कर स्वरोजगार प्राप्त करने में मदद करनी है
🔴 मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना 2023
• 9 नवम्बर 2023 को उत्तराखण्ड स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री धामी जी द्वारा मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह योजना की घोषणा की, जिसके तहत प्रदेश के जरूरतमंद परिवारों को विवाह हेतु जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
🔴 सीखो और कमाओ योजना
प्रारम्भ : 23 सितम्बर, 2023
उद्देश्य :अल्पसंख्यक युवाओं के कौशल को निखारना।
विशिष्टताएँ : (i) केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित इस योजना में श्रमिकों, स्कूल छोड़ चुके छात्रों, बेरोजगार नवयुवकों को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
(ii) इसमें मुख्यतः 18-45 वर्ष की आयु वाले अल्पसंख्यकों में अन्र्तनिहित कौशल को प्रशिक्षण द्वारा उन्नत कर रोजगार परक व्यवसायों से संलग्न किया जाता है।
🔴 तीलू रौतेली पेंशन योजना
प्रारम्भ : 1 अप्रैल, 2014
उद्देश्य : दिव्यांग किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध
विशिष्टताएँ :
(i) उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संचालित यह योजना कृषि व्यवसाय में संलग्न दिव्यांग महिला एवं पुरुषों को समाज कल्याण विभाग (उत्तराखण्ड) के द्वारा प्रतिमाह 1200 रु. की पेंशन राशि उपलब्ध करायी जाती है।
(ii) इन दिव्यांग लाभार्थियों की आयु 18 से 60 वर्ष तथा उनकी दिव्यांग प्रतिशतता न्यूनतम 40 प्रतिशत होनी चाहिए।
🔴 रहबर योजना
उद्देश्य : अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना।
विशिष्टताएँ :
(i) इसमें अल्पसंख्यक समुदाय की 18-35 आयु वर्ग की महिलाओं को रोजगारपरक व्यवसायों में प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाता है।
(ii) केन्द्र द्वारा राज्यों के अल्पसंख्यक विभाग के माध्यम से संचालित इस योजना में सिलाई, पेंटिंग, बुटिक, साबुन व अगरबत्ती निर्माण जैसे कई अन्य व्यवसायों में प्रशिक्षण के उपरांत वित्तीय सहायता द्वारा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराया जाता है।
🔴 नई रोशनी योजना
प्रारम्भ : 2012-13
उद्देश्य : अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करना।
विशिष्टताएँ :
(i) यह 18-65 आयु वर्ग की अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं से संबंधित केन्द्र सरकार की योजना है।
(ii) इसमें शैक्षिक कार्यक्रमों, वित्तीय सहायता, डिजिटल साक्षरता, कानूनी अधिकारों की जानकारी इत्यादि माध्यमों से इनके नैतिक गुणों का विकास किया जाता है।
🔴 अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना
प्रारम्भ : 2006-07
उद्देश्य : अल्पसंख्यक बेरोजगारों को रोजगार के अवसर
🔴 दिव्यांग पेंशन योजना
उद्देश्य : निराश्रित दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।
विशिष्टताएँ :
(i) दिव्यांग लाभार्थियों में मुख्य रूप से विकलांग, दृष्टि बाधित, मूक-बधिर एवं कुष्ठ रोगी शामिल हैं।
🔴 मु. एकल महिला स्वरोजगार योजना
प्रारम्भ : 8 मार्च, 2023 (अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर)
उद्देश्य : निराश्रित एकल महिला को सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना।
अन्य विशिष्टताएँ :
(i) निराश्रितों (विधवा, तलाकशुदा, परिव्यक्ता, किन्नर, एसिड पीडित या अविवाहित महिलाओं) को स्वरोजगार करने पर 50 से 75 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान करना।
(ii) 50 हजार से 2 लाख तक के व्यवसाय करने पर व्यवसाय के कुल लागत पर 25 प्रतिशत तक का ऋण प्रदान करना।
(iii) लाभार्थी की आयु 22 से 45 वर्ष तक होनी चाहिए तथा उन्हें कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, भेड़-बकरी पालन, पशुपालन आदि व्यवसायों पर ऋण दिया जाता है।
🔴 मु. बालाश्रय योजना
घोषणा : 5 सितम्बर, 2022 (2023 में प्रारम्भ)
उद्देश्य : अनाथ बच्चों को निःशुल्क स्कूली शिक्षा प्रदान करना।
अन्य विशिष्टताएँ :
(i) राज्य सरकार की इस योजना में किसी आपदा-महामारी या दुर्घटना से अनाथ हुए बच्चे शामिल हैं।
(ii) इसमें अनाथ बच्चे को कक्षा 1 से 12वीं तक की शिक्षा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
(iii) लाभार्थी बच्चे को स्कूली ड्रेस, जूते-मोजे, गर्म स्वेटर एवं किताबें आदि भी निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता
(iii) इन्हें प्रतिमाह 1500 रु. की पेंशन प्रदान की जाती है, जिसमें केन्द्र व राज्य सरकार की हिस्सेदारी क्रमशः 300 रु. व 1200 रु. है।
🔴 कृत्रिम अंग अनुदान योजना
• राज्य सरकार द्वारा समर्थित इस योजना के द्वारा प्रदेश के दिव्यांगों को कृत्रिम अंग तथा श्रवण सहायक यंत्रों की खरीद हेतु 3,500रु की धनराशि आवंटित की जाती थी, जिसे 2022 में बढ़ाकर 7,000 रु. कर दिया गया है।
• उल्लेखनीय है कि इस योजना के लाभार्थियों की मासिक आय 4000 रु. तक होनी चाहिए।
🔴 मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना
प्रारम्भ : 2 अगस्त, 2021 (कैबिनेट मंजूरी-9 जून 2021)
उद्देश्य : निराश्रित एवं असहाय बच्चों को संरक्षण प्रदान करना।
अन्य विशिष्टताएँ :
(i) कोविड-19 या किसी अन्य बीमारी अथवा किसी दुर्घटनावस अनाथ हुए बच्चों के लिए राज्य के 'महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग' द्वारा यह योजना संचालित है।
(ii) कोविड-19 के पश्चात (1 जुलाई, 2021) 21 वर्ष की आयु होने तक अनाथ बच्चों को इसका लाभार्थी माना जाएगा।
(iii) इसमें अनाथ बच्चों को 3,000 रु. प्रतिमाह आर्थिक सहायता के साथ-साथ निःशुल्क शिक्षा एवं राशन भी उपलब्ध कराया जाता है।
🔴 एल्डर हेल्पलाइन
प्रारम्भ : सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय केन्द्र सरकार।
उद्देश्य : वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क जानकारी उपलब्ध कराना तथा उनकी सहायता करना।
🔴 हेल्प लाइन नं. : 14567
विशिष्टताएँ :
(i) 14567 एक टोल फ्री नंबर है जो प्रातः 8.00 बजे से सायं 8.00 बजे तक चालू रहता है।
(ii) इसमें बुजुर्गों के लिए मार्ग दर्शन, भावनात्मक समर्थन, बेघर बुजुर्गों का बचाव, दुर्व्यवहार के मामलों में हस्तक्षेप व सहानुभूति प्रदान करना।
🔴 आपातकालीन सेवा योजना-108
प्रारम्भ : 15 मई, 2008 (उत्तराखण्ड में)
उद्देश्य : किसी भी आपातकालीन स्थिति में मुफ्त परिवहन (एंबुलेन्स) तथा अस्पताल सेवाएँ प्रदान करना।
विशिष्टताएँ :
(i) इसमें आपातकालीन सेवाओं सड़क दुर्घटना, आग, गर्भावस्था या अन्य किसी आपातकाल में '108' नम्बर पर फोन कर 24 घंटे सहायता प्राप्त की जा सकती है।
(ii) इसे पं. दीनदयाल उपाध्याय 108 आपातकालीन सेवा के नाम से भी जाना जाता है।
(iii) वर्तमान (2021-22) में उत्तराखण्ड में कुल 272 एंबुलेंस मौजूद है, जिसमें 1 नाव (नौका) एंबुलेंस भी शामिल है।
🔴 निक्षय मित्र पंजीकरण
• 3 नवंबर, 2022 को उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में सबसे अधिक निक्षय मित्रों का पंजीकरण कर उत्तराखण्ड ने देश में पहला स्थान पाया है।
🔴 अटल आयुष्मान योजना
प्रारम्भ : 25 दिसम्बर, 2018
उद्देश्य : प्रदेश के सभी परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा (इलाज) उपलब्ध कराना।
लक्ष्य : राज्य के सभी 23 लाख परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं से लाभान्वित करना।
विशिष्टताएँ :
(i) इसमें प्रति परिवार को 5 लाख रु. की वार्षिक स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है।
(ii) सितम्बर, 2023 तक इस योजना के तहत 52.28 लाख स्वास्थ्य कार्ड बनाये जा चुके हैं।
(iii) इसमें सरकारी एवं निजी दोनों अस्पतालों में लाभार्थी द्वारा निःशुल्क इलाज कराया जा सकता है, जिसका भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाता है।
🔴 मुफ्त पैथोलॉजी जाँच योजना
प्रारम्भ : 17 अगस्त, 2021
उद्देश्य : निर्धन वर्ग के मरीजों की निःशुल्क पैथोलॉजी जाँच
विशिष्टताएँ :
(i) यह सरकारी अस्पतालों में 207 प्रकार की पैथोलॉजी जाँच से संबंधित योजना है।
(ii) प्रारम्भिक चरण में यह राज्य के 6 जिलों यथा- अल्मोड़ा, टिहरी, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल एवं उधम सिंह नगर के 38 जिला अस्पतालों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में शुरु की गयी है।
(iii) इस योजना का क्रियान्वयन पीपीपी मॉडल पर किया जा रहा है।
🔴आशा संगिनी 'एप' एवं 'पोर्टल'
प्रारम्भ : नवम्बर, 2022
उद्देश्य : आशा स्वास्थ्य कर्मियों के कार्यों की निगरानी।
विशिष्टताएँ :
(i) इस पोर्टल के माध्यम से आशाओं को टैब दिए जाएंगे।
(ii) प्राथमिक चरण में प्रदेश के 6 हजार आशाओं को टैब - दिए जाएंगे।
(iii) प्रत्येक आशाएँ अपने कार्यों को इस पोर्टल पर अपलोड करेगी, जिसके आधार पर उन्हें ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा।
🔴 आयुष्मान भारत योजना
प्रारम्भ : 23 सितम्बर, 2018 (रांची, झारखण्ड से)
उद्देश्य : आर्थिक रूप से कमजोर (BPL) परिवारों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करना।
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